Call for Action| Philosophy Unbound – DETEXT – New Delhi, 8th-10th of March 2018

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Dear friends,

Philosophy Unbound is a collective devoted to opening up new forms and spaces for philosophy outside its classical habitats. After many successful events, workshops and performances in Vienna, Austria and Berlin, Germany, Philosophy Unbound will now investigate the possibilities of its format in New Delhi, India.

Philosophy Unbound will organise a three day mini-festival for performative philosophy at the School of Arts and Aesthetics (SAA) at JNU and other locations from 8th to 10th of March 2018. Our format is held very open and we encourage everybody – be it students, artists or researchers of various fields to send us their proposals for this first interdisciplinary gathering of that kind. Your can propose a text, a reading, a lecture, a performance, a musical contribution, an intervention, an installation, a sit-in, a dance, a provocation or whatever else you deem necessary to get your philosophical point across.

In line with this open format, the topic of March’s event will be DETEXT. Since most of our institutions regard only textual output as “serious” contributions, we want to open a space to detext and give you freedom to express your ideas outside the mastermedium of text. Show us an installation without having to worry about an explanatory text, give us a lecture without all the necessary footnotes to a rigid canon, dance your philosophical ideals without having to open your mouth to utter complete phrases!

The three days in March are devoted to opening up philosophy as well as the arts to a true plurality of form. We are very much looking forward to your contribution. If you have any further questions, more detailed proposals or the like, please do not hesitate to get in touch.

The Philosophy Unbound Collective invites you to submit proposals (including a short Bio and Letter Motivation) until 20th of February 2018.

Yours,
The Philosophy Unbound Collective

philosophyunbound.tumblr.com
philosophyunbound@gmail.com
https://www.facebook.com/philosophyunbound/

कार्यवाही के लिए आह्वान

फिलोसाफी अनबाउड-डिटेकस्ट-नई दिल्ली, 8-10 मार्च2018

प्यारे दोस्तों,

फिलोसॉफी अनबाउंड एक समूह है जो दर्शन शास्त्र को उसके पारम्परिक दायरे के बाहर नये रूप और समय में समृध्द करने के प्रति समर्पित है। विएना (ऑस्ट्रिया) औऱ बर्लिन (जर्मनी) में कई सफल कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और अभिनयों के बाद फिलोसॉफी अनबाउंड नई दिल्ली(इंडिया) में अपने प्रारूप की गुंजाइश जाँचने जा रहा है।

फिलोसॉफी अनबाउंड जे.एन.यू और अन्य स्थानों पर 8 से 10 मार्च 2018 तीन दिवसीय पर्व का आयोजन करने जा रहा है। हमारा प्रारूप बहुत उदार है और हम भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले छात्रों, कलाकारों, शोधकर्ताओं को अपने प्रस्ताव इस बहुविषयक सभा में भेजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

इस मुक्त प्रारूप को ध्यान में रखते हुए हमारे मार्च में होने वाले पर्व का विषय ‘डिटेक्स्ट’ है। चूँकि दर्शन शास्त्र से जुड़े अधिकतर संस्थान सिर्फ़ मजमूनी उत्पादन को एक गंभीर योगदान के रूप में स्वीकारते हैं, इसलिए हम एक ऐसी गुंजाइश पैदा करना चाहते हैं जहाँ मजमूनों के परे बात हो (‘डिटेक्स्ट’) और आपको स्वतंत्रता हो इस ढाँचे के बाहर अपने विचारों को प्रकट करने की। हमें एक इंस्टालेशन प्रस्तुत करें बिना व्याख्यात्मक विषय वाक्य की परवाह किये, हमें एक व्याख्यान दें बिना ज़रूरी पदलेखों की चिंता किये, अपने दार्शनिक विचारों को थिरकने दें बिना वाक्यों के ढाँचों को पूरा करने की ज़हमत किये।

मार्च में आने वाले यह तीन दिन समर्पित हैं दर्शन और कला से जुड़े सच्चे अनेकवादी रूपों को उघाड़ने के लिए। हम आपकी भागीदारी को लेकर बहुत उत्साहित हैं। अगर आपके कोई भी सवाल हों या विस्तार से किसी विषय में जानकारी चाहते हों तो कृपया हमें संपर्क करें।

फिलोसॉफी अनबाउंड आपको 20 फरवरी 2018 तक अपने प्रस्ताव(एक छोटे आत्म-परिचय और प्रेरणा पत्र सहित) जमा करने के लिए आमंत्रित करता है।

आपका अपना,

फिलोसॉफी अनबाउंड कलेक्टिव

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